श्री मंगलनाथ मंदिर – Ujjain Poojan पण्डित निर्मल जी शास्त्री

श्री मंगलनाथ मंदिर

श्री मंगलनाथ का मंदिर एक महत्वपूर्ण और प्राचीन मंदिर है। मत्स्य पुराण में मंगल ग्रह को भू‍‍मि-पुत्र कहा गया है। पौराणिक मान्यता भी यही है कि मंगल ग्रह की जन्मभूमि भी यहीं है। इनकी पूजा एवं आराधना का अपना विशेष महत्व है। मंगल ग्रह की शांति, शिव कृपा, ऋणमुक्ति तथा धन प्राप्ति हेतु श्री मंगलनाथजी की प्राय: उपासना की जाती है। यहां पर भात-पूजा तथा रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व है। मंगलवार के दिन यहां पर दर्शनार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक होती है। ज्योतिष एवं खगोल‍ विज्ञान के दृष्टिकोण से यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह मंदिर एक ऊंचे टीले पर बना हुआ है। इसके प्रांगण में पृथ्वी देवी की अत्यंत प्राचीन प्रतिमा स्थापित है। शक्तिस्वरूपा होने के कारण इन्हें सिंदूर का चोला चढ़ाया जाता है। यहां से थोड़ी दूरी पर गंगा घाट है। यह वही स्थान है, जहां पर कभी भगवान श्रीकृष्ण ने अपने गुरु महर्षि सांदीपनि की गंगा स्नान करने की अभिलाषा को पूर्ण करने हेतु श्री गंगाजी को प्रकट किया था।